बुलेट स मन्नत
11
Jan

यहाँ मांगी जाती है बुलेट से मन्नत,भारत की इस चमत्कारिक जगह को जाने आप भी

आपको ऐसी ही एक जगह के बारे में बताने जा रहे है। राजस्थान के पाली से 20 किलोमीटर दूर और जोधपुर से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह स्थान चोटिला ग्राम के नजदीक है। जहां आपको एक चबूतरा दिखाई देता है और चबूतरे पर फूल मालाओं से लदी दिखाई देती है एक 350 सीसी रॉयल एनफील्ड की बुलेट। अपनी सुरक्षित यात्रा की प्रार्थना करने हर दिन हज़ारो लोग यहां दर्शन के लिये आते है।

ऐसा क्या हुआ जो आज भी रहस्य है

2 दिसंबर 1988 को चोटिला के ओम बन्ना पाली के नजदीकी शहर बांगड़ी से चोटिला की यात्रा कर रहे थे। तभी उन्होंने बुलेट से अपना नियंत्रण खो दिया और एक पेड़ से टकरा गये। इस हादसे में ओम बन्ना मारे गये थे और उनकी बुलेट भी वहा गिर गयी थी। हादसा होने के बाद बुलेट को पुलिस स्टेशन जाया गया लेकिन अगले दिन वह मोटरसाइकिल खुद बखुद वहां से गायब हो गयी ढूढने पर पता चला बुलेट घटनास्थल पर है। पुलिस ने दोबारा बुलेट को हिरासत में लिया और उसमे भरा हुआ पूरा पेट्रोल निकालकर उसे चैन से बांधकर रख दिया। इतने प्रयत्नों के बावजूद अगली सुबह वह बुलेट वापिस स्टेशन से गायब हो गयी और दोबारा हादसे की जगह पर पायी गयी।
यह मंदिर “बुलेट बाबा मंदिर” के नाम से जाना जाता है। हर दिन आस पास के गाँव वाले और यात्री वहा रुकते है और उस बाइक की पूजा करते है। कुछ लोग वहा अपनी यात्रा की सुरक्षा की प्रार्थना की कामना करते हुए मंदिर में शराब की बोतल भी चढाते है। ओम बन्ना की मृत्यु के पश्चात घटनास्थल के आस पास बहुत सी दुर्घटनाये हुई।

यह है ओम बन्ना का चमत्कार

लगातार दुर्घटनाओं का क्रम जारी रहने से लोगो में भय उत्पन्न हुआ। ग्रामीणों द्वारा बुलेट की पूजा शुरू की गयी। आज भी कोई उस क्षेत्र में जाता है तो हर वाहन की गति अपने आप धीमी हो जाती है लोगो का मानना है कि ओम बन्ना आज भी दुर्घटना से लोगो को बचाते है यही क्रम है कि आज भी वहां से जो कोई गाड़ी भी निकलती है वे ओम बन्ना की इस बुलेट का विधि विधान से पूजन करते है।

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