लंकाकाण्ड
18
Oct

लंकाकाण्ड – श्री रामचरितमानस

जीवन भक्तिपूर्ण होने पर राक्षसो का संहार होता है काम क्रोधादि ही राक्षस हैँ। जो इन्हेँ मार सकता है, वही काल को भी मार सकता है। जिसे काम मारता है उसे काल भी मारता है, लंका शब्द के अक्षरो को इधर उधर करने पर होगा कालं। काल सभी को मारता है किन्तु हनुमान जी काल को भी मार देते हैँ। क्योँकि वे ब्रह्मचर्य का पालन करते हैँ पराभक्ति का दर्शन करते है।

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