पचमठ मंदिर
10
May

यहाँ लक्ष्मी बदलती है दिन में तीन बार रंग, भारत का अनोखा मंदिर

आपने अक्सर गिरगिट को ही रंग बदलते हुए देखा होगा या किसी अन्य जीव को जानकी भारत में एक जगह  भी है जहा देवी भी अपना रंग दिन में तीन बार बदलती है.जी हां हम बात कर रहे है भारत के मध्‍यप्रदेश राज्य के जबलपुर में स्‍थित पचमठा मंदिर की.कई मायनों में मंदिर अनोखा है मंदिर में कई देवी-देवताओं की प्रतिमाये स्‍थापित है।मंदिर में माँ लक्ष्मी की बड़ी प्राचीन मूर्ति है जिनके बारे में अनेक कथाये सुनने व जानने को मिलती है यहां स्थापित मां लक्ष्मी की प्राचीन प्रतिमा जिसके बारे में बहुत सी कथायें प्रचलित है कहा जाता है यही मूर्ति दिन में तीन बार अपना रंग बदलती है.

तंत्र साधना के लिए विख्यात 

मंदिर का निर्माण गोंडवाना शासन में रानी दुर्गावती के विशेष सेवापति रहे दीवान अधार सिंह के नाम से बने अधारताल तालाब में करवाया गया था। इस मंदिर में अमावस्या की रात्रि में भक्तों का मेला लगता है।पचमठा मंदिर के नाम से विख्यात यह मंदिर तांत्रिकों के लिए साधना का विशेष केन्द्र माना जाता है.इस मंदिर में आने वाले भक्‍तों और पुजारियों का कहना है कि यहा मां लक्ष्मी की प्रतिमा दिन में तीन बार रंग बदलती कुछ लोग केवल इसका अनुभव करने के लिए ही पचमठा मंदिर आते हैं भक्तो के अनुसार प्रात: काल में प्रतिमा सफेद, दोपहर में पीली और शाम को नीली हो जाती है.

सूर्य करता है माँ का चरण वंदन

मंदिर का निर्माण करीब 1100 साल पूर्व कराया गया था इसके अंदरूनी भाग में श्रीयंत्र की अनूठी संरचना की गयी है.खास बात यह है कि आज भी सूर्य की पहली किरण मां लक्ष्मी की प्रतिमा के चरणों पर पड़ती है पचमठा में महालक्ष्‍मी के दर्शनों के लिए भक्‍तों का तांता लगा रहता है  दीपावली पर दूर-दराज से लोग यहां दीपक रखने के लिए आते हैं आधी रात्रि होने तक पूरा मंदिर दीपकों की रोशनी में दमक उठता है.मंदिर में मां लक्ष्मी का खास पूजन एवम अभिषेक किया जाता है.दीपावली पर मंदिर के पट पूरी रात खुले रहते हैं

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