शीतल मात मंदिर
10
May

50 लाख लीटर पानी से भी नहीं भरा शीतला माता के मंदिर में रखा ये छोटा सा घड़ा

भारत की धरती चमत्कारों से भरी पड़ी है जहां कुछ किलोमीटर पर ही एक नया चमत्कार देखने को मिलता है.राजस्थान के पाली शहर में सभी की आंखों के सामने एक छोटे से मटके में बहुत सारा पानी डाला जाता है लेकिन फिर भी घड़ा भरने का नाम ही नही लेता है आम इंसान के साथ-साथ वैज्ञानिक भी हैरत में पड़ जाते है जब यह दृश्य देखते है तो,करीब 800 सालो से लगातार साल में केवल 2 बार आधा फ़ीट गहरा और आधा फ़ीट चौड़ा घड़ा भक्तो के सामने लाया जाता है,आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इसमें अब तक 50 लाख लीटर से भी ज्यादा पानी डाला जा चुका है लेकिन फिर भी यह कभी भरता नही है.मान्यता है कि इसका पानी राक्षस पीता है जिसके कारण यह भरता नही है.आजतक बहुत सारे शोध के बाद भी पता नही चल पाया.

आखिर इसका पानी जाता कहा है

परंपरा रही है की साल में दो दिन ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा और शीतला अष्टमी पर ही घड़े से पत्थर हटाया जाता है जिसके बाद महिलाओं द्वारा पानी इस घड़े में डाला जाता है लेकिन घड़ा भरता नही है पर अंत मे पुजारी माता को दूध का भोग लगाता है और माँ के चरणों से दूध लगाकर इसमे डालते ही घड़ा भर जाता है और पत्थर लगा दिया जाता है.इस दृश्य को देखकर माँ के दरबार मे हर कोई श्रद्धा प्रकट करता हुआ दिखाई देता है

यह है रहस्यमयी कहानी इसके पीछे

800 साल पहले यहां बाबरा नाम का राक्षस निवास करता था जो दूल्हे को मार देता था लेकिन गांव वालों ने परेशान होकर मा शीतला की तपस्या की तो माँ ने घुटनो से राक्षस का वध कर दिया इस दौरान राक्षस ने शीतला से वरदान मांगा की गर्मी में उसे प्यास बहुत ज्यादा लगती है इसलिए साल में 2 बार उसे पानी पिलाना होगा बस तभी से ये मेला भरता है.

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