सालासर बालाजी
09
Jan

सालासर बालाजी : दाढ़ी मूछ वाले हनुमान जी का देश का पहला मंदिर

आज हम आपको बताने जा रहे है देश का पहला मंदिर जहां चिरंजीवी माने जाने वाले हनुमान जी दाढ़ी मूछ में दर्शन देते है । कहा जाता है मोहनदास महाराज को उन्होंने सबसे पहले इसी विग्रह में दर्शन दिया था जिसके बाद मोहनदास महाराज का बालाजी का यह दर्शन मनमोहक लगा । अतः आज भी बालाजी का दर्शन करेंगे तो पाएंगे कि उनके चेहरे पर दाढ़ी मूछ है। सालासर बालाजी भगवान हनुमान के भक्तों के लिए एक धार्मिक स्थल है। यह राजस्थान के चूरू जिले में स्थित है। वर्ष भर में अनेको श्रद्धालु दर्शन हेतु सालासर आते है। चैत्र पूर्णिमा और आश्विन पूर्णिमा पर बड़े मेलों का आयोजन किया जाता है। इस समय 6 से 7 लाख लोग यहाँ एकत्रित होते हैं।

मोहनदास को सालासर बालाजी ने दिए साक्षात दर्शन

अगर हम दर्शनीय स्थलों की बात करे तो यह प्रसिद्ध मोहनदास बाबा की धूणी है। आपको बता दे कि धूणी का अर्थ उस जगह से है,जहाँ महान भगवान हनुमान के भक्त मोहनदास के द्वारा पवित्र अग्नि जलायी गयी, जो आज भी जल रही है। माना जाता है कि यह राख अंत्यंत पवित्र है और जो कोई इसे लगाता है उसके सभी रोग नष्ट हो जाते है। श्री मोहन मंदिर, बालाजी मंदिर के बहुत ही पास स्थित है, यह इसलिए प्रसिद्ध है क्योंकि मोहनदास जी और कनिदादी के पैरों के निशान यहाँ आज भी मौजूद हैं। इस स्थान को इन दोनों पवित्र भक्तों का समाधि स्थल माना जाता है। पिछले आठ सालों से यहाँ निरंतर रामायण का पाठ किया जा रहा है। भगवान बालाजी के मंदिर परिसर में, पिछले 20 सालों से लगातार अखण्ड हरि कीर्तन व राम के नाम का निरंतर जाप किया जा रहा है।

हनुमान की माता अंजनी का भी बना है मंदिर

अंजनी माता का मंदिर लक्ष्मणगढ़ की ओर सालासर धाम से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अंजनी माता भगवान हनुमान या बालाजी की माँ थी। गुदावादी श्याम मंदिर भी सालासर धाम से एक किलोमीटर के भीतर स्थित है। मोहनदास जी के समय से दो बैलगाड़ियों को यहाँ बालाजी मंदिर परिसर में रखा गया है।

हनुमान जयंती पर होता है विशेष आयोजन

आज हम सब जगह सुनते है हनुमान जयंती पर उत्सव फला फला लेकिन जयंती तो उसकी मनाई जाती है। जो मृत्यु को प्राप्त हो गया हो फिर हनुमान जी तो चिरंजीवी है इसलिए हनुमान जयंती की बजाय जन्मोत्सव या उत्सव लिखा जाना चाहिए यह एक मानवीय त्रुटि ही है कि हम इतनी छोटी सी बात नही सोचते। खैर सालासर में हर साल चैत्र शुक्ल चतुर्दशी,आश्विन शुक्ल चतुर्दशी,भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी को मनाया जाता है। हनुमान जयन्ती के इस अवसर पर भारत के हर कोने से लाखों श्रद्धालु यहाँ पहुँचते हैं।