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04
Jan

गायब होता है यह चमत्कारिक शिव मंदिर

आज हम आपको एक ऐसे शिव मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जो कुछ समय के लिए अदृश्य हो जाता है।यह मंदिर है स्तंभेश्वर महादेव मंदिर जो कि गुजरात में वड़ोदरा से 40 मील की दूरी पर अरब सागर के कैम्बे तट पर स्थित है जो रोजाना दिन में दो बार सुबह और शाम को कुछ देर के लिए आंखों से ओझल हो जाता है।इस तीर्थस्थल का उल्लेख ‘श्री महाशिवपुराण’ में रुद्र संहिताभाग-2, अध्याय 11 में उल्लेख किया गया है मंदिर की खोज आज से लगभग 150 वर्ष पूर्व की हुई थी।

यह है खास इस मंदिर में

स्तंभेश्वर महादेव मंदिर में विराजमान शिवलिंग लगभग 4 फुट ऊंचा तथा दो फुट के व्यास का है।मंदिर को देखते समय उसके पीछे अरब सागर का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।शिव मंदिर रोजाना थोड़ी देर के लिए पूरी तरह से गायब हो जाता है, उस दौरान मंदिर की जगह कुछ भी दिखाई नहीं देता आपको सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन यह सच है कि लोगो की आस्था का एक शिव मंदिर रोजाना थोड़ी देर के लिए पूरी तरह से गायब हो जाता है। उस दौरान मंदिर की जगह कुछ नहीं दिखता और पूजा करने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर के वापस आने तक इंतजार करना पड़ता है।

यह है गायब होने का रहस्य

स्तंभेश्वर महादेव मंदिर अरब सागर समुद्र किनारे स्थित होने के कारण जब भी समुद्र में ज्वार आता है, यह मंदिर पूरी तरह से पानी में डूब जाता है। ज्वार के उतरते ही मंदिर पुनः दिखाई देने लगता है।स्तंभेश्वर महादेव मंदिर जाने वाले भक्तजनों के लिए विशेष रूप से पर्चे भी बांटे जाते हैं जिनमें ज्वार आने का समय लिखा होता है ताकि श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। मंदिर के पुजारियों तथा स्थानीय निवासियों के अनुसार ऐसा मंदिर की खोज के समय से ही हो रहा है। ज्वार आने के समय चारों ओर पानी ही पानी होने के कारण मंदिर में विराजमान शिवलिंग के दर्शन नहीं किए जा सकते है ज्वार उतरने पर ही दर्शन हो पाते हैं।

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