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Religious India

Golden Temple (Harmandir Sahib)

Sri Harmandir Sahib , also Sri Darbar Sahib and informally referred to as the “Golden Temple” is the holiest Gurdwara of Sikhism, located in the city of Amritsar, Punjab, India. Amritsar (literally, the tank of nectar of immortality) was founded in 1577 by the fourth Sikh guru, Guru Ram Das. The fifth Sikh Guru, Guru…

श्री दुर्गा जी की आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी । तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रहृ शिवरी ।। टेक ।। मांग सिंदूर विराजत टीको मृगमद को । उज्जवल से दोउ नैना चन्द्रबदन नीको ।। जय 0 कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजै । रक्त पुष्प गलमाला कण्ठन पर साजै ।। जय0 केहरि वाहन राजत खड़ग खप्परधारी । सुर नर…

श्री गणेश जी की आरती

  जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ।। जय 0 एकदन्त दयावन्त चार भुजाधारी । मस्तक पर सिन्दूर सोहे मूसे की सवारी ।। जय 0 अन्धन को आंख देत कोढ़िन को काया । बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया ।।जय 0 पान चढ़ै फूल चढ़ै और चढ़ै…

आरती श्री कृष्णजी की

  ॐ जय श्री कृष्ण हरे, प्रभु जय श्री कृष्ण हरे। भक्तन के दुख सारे पल में दूर करे॥ ॐ जय श्री कृष्ण हरे.. परमानन्द मुरारी, मोहन गिरधारी। जय रस रास बिहारी जय जय गिरधारी॥ ॐ जय श्री कृष्ण हरे.. कर कंचन कोटि सोहत कानन में बाला। मोर मुकुट पीताम्बर सोहे बनमाला॥ ॐ जय श्री कृष्ण हरे.. दीन सुदामा…

आरती युगलकिशोर की | बुधवार की आरती

  आरती युगल किशोर की कीजै। तन मन धन न्यौछावर कीजै॥ रवि शशि कोटि बदन की शोभा। ताहि निरख मेरो मन लोभा॥ गौर श्याम मुख निरखत रीझै। हरि का स्वरुप नयन भरि पीजै॥ कंचन थार कपूर की बाती। हरि आए निर्मल भई छाती॥ फूलन की सेज फूलन की माला। रत्न सिंहासन बैठे नन्दलाला॥ मोर मुकुट…

श्री हनुमान चालीसा | Hanuman Chalisa

About Hanuman Chalisa The Chalisa 40 Chaupais on Hanuman is a reverential hymn devoted to Bajrang Bali by the Great Indian writer, rationalist and holy person Shri Goswami Tulsidas. Conceived in the sixteenth century, Tulsidas wrote the complete chalisa in Awadhi language at a very young age. The popularity of God Hanuman is so high that Millions of people keep…

श्रीरामचरितमानस सुन्दर काण्ड तुलसीदास कृत श्रीरामचरितमानस का पाँचवाँ अध्याय सुन्दरकाण्ड है। सुन्दरकाण्ड में श्री हनुमानजी माता सीता की खोज में लंका जाते हैं। वहाँ माता सीता से मिलकर अशोक वाटिका में फल खाने के लिये जाते है। वहाँ रावण का एक पुत्र अक्षय कुमार उनको रोकने के लिये आता है और हनुमान जी द्वारा मारा…

आरती वृहस्पति देवता की

जय वृहस्पति देवा, ऊँ जय वृहस्पति देवा । छिन छिन भोग लगाऊँ, कदली फल मेवा ।। तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी । जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी ।। चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता । सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता ।। तन, मन, धन अर्पण कर, जो जन शरण पड़े । प्रभु प्रकट तब…

आरती संतोषी माता की

जय माता की जय सन्तोषी माता, जय सन्तोषी माता। अपने सेवक जन को, सुख सम्पति दाता॥ जय .. सुन्दर चीर सुनहरी माँ धारण कीन्हों। हीरा पन्ना दमके तन सिंगार लीन्हों॥ जय .. गेरु लाल जटा छवि बदन कमल सोहे। मन्द हसत करुणामयी त्रिभुवन मन मोहै॥ जय .. स्वर्ण सिंहासन बैठी चँवर ढुरे प्यारे। धूप दीप…

माता वैष्णों के दरबार में दोनों समय होने वाली आरती

हे मात मेरी………..हे मात मेरी कैसे ये देर लगाई है दुर्गे, हे मात मेरी हे मात मेरी । भवसागर में गिरा पड़ाहूँ, काम आदि गह में घिरा पड़ा हूँ मोह आदि जाल में जकड़ा हँ हे मात मेरी, हे मात मेरी……………. न मुझमें बल है न मुझमें विघा न मुझमें भक्ति न मुझमें शक्ति शरण…

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