अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस
21
Feb

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 21 फरवरी

अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस, हर साल 21 फरवरी को मनाया जाता है, विश्व में भाषाई व सांस्कृतिक विविधता व बहुभाषिता को बढ़ावा देने और विभिन्न मातृभाषाओं के प्रति जागरुकता लाने के उद्देश्य से मातृभाषा दिवस मनाया जाता है।

भाषाई विविधता तेजी से खतरे में है क्योंकि अधिक से अधिक भाषाएँ गायब हो जाती हैं। एक भाषा हर दो सप्ताह में औसतन गायब हो जाती है, इसे पूरी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत के साथ लिया जाता है।

फिर भी, मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा में प्रगति की जा रही है, इसके महत्व की बढ़ती समझ के साथ, विशेष रूप से शुरुआती स्कूली शिक्षा में, और सार्वजनिक जीवन में इसके विकास के लिए अधिक प्रतिबद्धता।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार विश्व में बोली जाने वाली भाषाओं की संख्या लगभग 6900 है। इनमें से 90 फीसद भाषाएं बोलने वालों की संख्या एक लाख से कम है। लगभग 150 से 200 भाषाएं ऐसी हैं, जिन्हें दस लाख से अधिक लोग बोलते हैं। दुनिया की कुल आबादी में तकरीबन 60 फीसद लोग 30 प्रमुख भाषाएं बोलते हैं, जिनमें से दस सर्वाधिक बोले जानी वाली भाषाओं में जापानी, अंग्रेजी, रूसी, बांग्ला, पुर्तगाली, अरबी, पंजाबी, मंदारिन, हिंदी और स्पैनिश है।

21 फरवरी 1952 को ढाका यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तत्कालीन पाकिस्तान सरकार की भाषायी नीति का कड़ा विरोध जताते हुए अपनी मातृभाषा का अस्तित्व बनाए रखने के लिए विरोध प्रदर्शन किया। पाकिस्तान की पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी लेकिन लगातार विरोध के बाद सरकार को बांग्ला भाषा को आधिकारिक दर्जा देना पड़ा। भाषायी आंदोलन में शहीद हुए युवाओं की स्मृति में यूनेस्को ने पहली बार 1999 में 21 फरवरी को मातृभाषा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।

छोटे भाषा समूह जब एक स्थान से दूसरे स्थान पर बसते हैं तो वे एक से अधिक भाषा बोलने-समझने में सक्षम हो जाते हैं। 43 करोड़ लोग देश में हिंदी बोलते हैं, इसमें 12 फीसद द्विभाषी है। 82 फीसद कोंकणी भाषी और 79 फीसद सिंधी भाषी अन्य भाषा भी जानते हैं। हिंदी मॉरीशस, त्रिनिदाद-टोबैगो, गुयाना और सूरीनाम की प्रमुख भाषा है। फिजी की सरकारी भाषा है।

हाल ही में जारी जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक भारत में जिनकी मातृभाषा हिंदी या बांग्ला है, उनमें बहुभाषियों की संख्या कम है। 43 करोड़ हिंदी भाषी में 12 फीसद लोग द्विभाषी हैं और उनकी दूसरी भाषा अंग्रेजी है। जबकि बांग्ला बोलने वाले 9.7 करोड़ लोगों में 18 फीसद द्विभाषी हैं। हिंदी और पंजाबी के बाद बांग्ला भारत में तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। देश में 14 हजार लोगों की मातृभाषा संस्कृत है।

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