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Religious India

  • sakat-chauth
    24
    Jan

    सकट चौथ की कथा

    एक प्रचलित कथा के अनुसार एक गांव में एक साहूकार और साहूकारनी रहते थे। दोनों ही कोर्इ पूजा पाठ नहीं करते थे। संभवत इसी कारण उनकी कोर्इ संतान नहीं...

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  • शरद पूर्णिमा
    23
    Oct

    शरद पूर्णिमा की कहानी व पूजा विधि

    शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) का हिंदू धर्म में खासा महत्‍व बताया गया है। माना जाता है कि इस रात को चांद से अमृत बरसता है। दरअसल पौराणिक मान्यताओं के...

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  • किष्किन्धाकाण्ड
    18
    Oct

    किष्किन्धाकाण्ड – श्री रामचरितमानस

    जब मनुष्य निर्विकार एवं निर्वैर होगा तभी जीव की ईश्वर से मैत्री होगी। इसमे सुग्रीव और राम अर्थात् जीव और ईश्वर की मैत्री का वर्णन है। जब जीव सुग्रीव की भाँति हनुमान अर्थात् ब्रह्मचर्य का आश्रय लेगा तभी उसे...

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  • अरण्यकाण्ड
    18
    Oct

    अरण्यकाण्ड – श्री रामचरितमानस

    यह निर्वासन प्रदान करता है। इसका मनन करने से वासना नष्ट होगी। बिना अरण्यवास(जंगल) के जीवन मेँ दिव्यता नहीँ आती। रामचन्द्र राजा होकर भी सीता के साथ वनवास किया। वनवास मनुष्य हृदय को कोमल बनाता है। तप द्वारा ही...

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  • लंकाकाण्ड
    18
    Oct

    लंकाकाण्ड – श्री रामचरितमानस

    जीवन भक्तिपूर्ण होने पर राक्षसो का संहार होता है काम क्रोधादि ही राक्षस हैँ। जो इन्हेँ मार सकता है, वही काल को भी मार सकता है। जिसे काम मारता है उसे काल भी मारता है, लंका शब्द के अक्षरो...

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  • उत्तरकाण्ड
    18
    Oct

    उत्तरकाण्ड – श्री रामचरितमानस

    इस काण्ड मेँ काकभुसुण्डि एवं गरुड संवाद को बार बार पढना चाहिए। इसमेँ सब कुछ है। जब तक राक्षस, काल का विनाश नहीँ होगा तब तक उत्तरकाण्ड मे प्रवेश नही मिलेगा। इसमेँ भक्ति की कथा है। भक्त कौन है? ...

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  • अयोध्याकाण्ड
    18
    Oct

    अयोध्याकाण्ड – श्री रामचरितमानस

    यह काण्ड मनुष्य को निर्विकार बनाता है। जब जीव भक्ति रुपी सरयू नदी के तट पर हमेशा निवास करता है, तभी मनुष्य निर्विकारी बनता है। भक्ति अर्थात् प्रेम , अयोध्याकाण्ड प्रेम प्रदान करता है। राम का भरत प्रेम...

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  • बाल काण्ड
    17
    Oct

    बाल काण्ड- श्री रामचरित मानस

    बालक प्रभु को प्रिय है क्योकि उसमेँ छल , कपट , नही होता। विद्या , धन एवं प्रतिष्ठा बढने पर भी जो अपना हृदय निर्दोष निर्विकारी बनाये रखता है, उसी को भगवान प्राप्त होते है। बालक जैसा निर्दोष निर्विकारी दृष्टि रखने पर...

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  • स्वर्ग का सेब
    29
    Aug

    स्वर्ग का सेब

    एक बार स्वर्ग से घोषणा हुई कि भगवान सेब बॉटने आ रहे है सभी लोग भगवान के प्रसाद के लिए तैयार हो कर लाइन लगाकर खड़े हो गए। एक...

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  • Ramayan Katha
    28
    Aug

    Ramayan Katha(Stories) in hindi

    रामायण कथा (कहानी) सभी भक्त जानते हैं की रामायण वाल्मीकि जी द्वारा लिखी गई है उसके बाद गोस्वामी तुलसीदास जी ने भगवान की कृपा से रामचरितमानस की रचना की...

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